हर बार टूटते हौसले को
एक आस चाहिए
फिर ज़िंदगी जीने के
लिए एक प्यास चाहिए।
कहीं टूट कर फिर बिखर न
जाए ये दिल
दिल को फिर अरमानो का
विश्वास चाहिए।
अपने ही तन से उकता गया
है ये बंजारा मन
बंज़ारे को जीने के लिए
कुछ दिन का वनवास चाहिए।
रेगिस्तान में चाहते हो
बसाना एक गुलस्ता
नाउम्मीदी नहीं पर धरती
को एक बरसात चाहिए।
चलो फिर चल पड़े आसमान
कि उड़ानों पर
पर इसके लिए घर के
कामों से कुछ अवकाश चाहिए।
बहुत ही बढ़िया....
ReplyDeleteशुक्रिया 🙏
Delete