दर्द को भी कुछ दर्द होना चाहिए।
उसको भी तो दर्द का कुछ अनुभव होना चाहिए।
कम से कम इस बात की खबर होनी ही चाहिए।
वो हमें कितना सताता है।
बात बात पर हमें रुलाता है।
क्यों हमारा रोना उसे इतना भाता है?
कम से कम इस बात की खबर होनी ही चाहिए।
वो हमें कितना सताता है।
बात बात पर हमें रुलाता है।
क्यों हमारा रोना उसे इतना भाता है?
चलो सब मिल कर दर्द को डराते है।
उसे अपनी बातों के पिन चुभाते है।
ताकि दर्द को भी खूब दर्द हो।
उसकी बेबसी भी उस की तरह बेदर्द हो।
दर्द भी दर्द से जोर जोर चिल्लाए।
और दर्द भी दर्द के कारण शोर मचाए।
उसे अपनी बातों के पिन चुभाते है।
ताकि दर्द को भी खूब दर्द हो।
उसकी बेबसी भी उस की तरह बेदर्द हो।
दर्द भी दर्द से जोर जोर चिल्लाए।
और दर्द भी दर्द के कारण शोर मचाए।
पर सोचो दर्द को भी तो किसी बात पर दर्द होता होगा।
अकेले में ही सही वो भी कभी रोता होगा।
पर दर्द को सबक सिखाना होगा।
उसे अपनी जिन्दगी से भगाना होगा।
नहीं तो वो बार बार आएगा।
और हमें हर बार दर्द दे जाएगा।
अकेले में ही सही वो भी कभी रोता होगा।
पर दर्द को सबक सिखाना होगा।
उसे अपनी जिन्दगी से भगाना होगा।
नहीं तो वो बार बार आएगा।
और हमें हर बार दर्द दे जाएगा।
हां ध्यान आया। दर्द खुशी से जलता है।
नहीं वो तो उसके नाम से ही डरता है।
दर्द खुशी को देख घबराएगा।
उसे अपनी सौत का ये रूप नहीं भाएगा।
वो खुशी की खुशी नहीं बर्दाश्त कर पाएगा।
नहीं वो तो उसके नाम से ही डरता है।
दर्द खुशी को देख घबराएगा।
उसे अपनी सौत का ये रूप नहीं भाएगा।
वो खुशी की खुशी नहीं बर्दाश्त कर पाएगा।
चलो दर्द को मज़े चखाते है।
अपने आसपास खूब खुशी लाते है।
आओं एक बार फिर से सबको हँसाते हैं।
और दर्द को सब के घर से भगाते हैं।
अपने आसपास खूब खुशी लाते है।
आओं एक बार फिर से सबको हँसाते हैं।
और दर्द को सब के घर से भगाते हैं।
ऐसा हुआ तो कितनी खुशगवारी होगी।
दर्द के बिना जिन्दगी कितनी प्यारी होगी।
जिन्दगी खुशी के साथ गुनगुनाएगी।
दर्द की पर्छाई भी हमें छू नहीं पाएगी।
और स्पर्श की प्यारी सी हँसी हर तरफ बिखर जाएगी।
दर्द के बिना जिन्दगी कितनी प्यारी होगी।
जिन्दगी खुशी के साथ गुनगुनाएगी।
दर्द की पर्छाई भी हमें छू नहीं पाएगी।
और स्पर्श की प्यारी सी हँसी हर तरफ बिखर जाएगी।

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