जबाब न देने का बोझ
नहीं सहेंगे
जितना बन पड़ेगा उतना
ही कहेंगे।
हर बात की सफ़ाई मुमकिन
नहीं
कुछ सवाल पर अब ख़ामोश
रहेंगे।
हर बात पर वो ख़ुद को
ले आते हैं
ऐसी बातों से वो ख़ुद
परेशान रहेंगे।
जितने वर्क फाड़ोगे
ज़िंदगी या किताबों से
उन सब के निशान तुम्हें उसी जगह दिखेंगे।
उन सब के निशान तुम्हें उसी जगह दिखेंगे।
न उदास हो जिन्हें जाना
है उन्हें जाने दो
देखना उनसे अच्छे लोग
उनकी जगह मिलेंगे।
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