चलो ज़िन्दगी
में कुछ नए मुकाम लाते हैं
पुराने अफसाने
को कुछ देर के लिए भूल जाते हैं
लोग मेरी
बातों का मतलब निकाल रहे हैं
सच तो ये
है ये हालात मुझे भी कहाँ समझ आते हैं
लोग जीने
का हुनर सीख रहे हैं
हम मरने
का शौक आज भी फरमाते हैं
कुछ ख्यालों
से निजात पाये भी तो कैसे
तन्हाई में
ये आ-आ कर हमें कितना सताते हैं
भरोसा जिनका
खुद पर ही नहीं रहा
लोग उनसे
ज़िन्दगी के मायने पूछने चले आते हैं
अनुभवी लोगों से ही तो जीवन जीने के गुर सिखना होता है। इसलिए अने दीजिए लोगों को अपने हालात पर रोने।
ReplyDeleteअनुभवहीन इंसान अनुभव लाए भी तो कैसे!!!
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