ख़्वाहिशें ही तो ज़िंदगी को जान देती हैं
ख़्वाहिशें ही तो ज़िंदगी
की जान लेती हैं।
वक़्त के साँचे में
ढलने को मजबूर है इंसान
ख़्वाहिशें ही इंसान को
कुछ पहचान देती हैं।
सैकड़ों ख़्वाहिशों की
दुनिया की है ये ज़िंदगी
सो चुकी ख़्वाहिशें भी
ज़िंदगी को अरमान देती हैं।
बहुत तड़पाती है अधूरी ज़िंदगी
की कुछ ख़्वाहिशें
कई बार ऐसी ख़्वाहिशें
ज़िंदगी को शमशान देती है।
न हो पूरी ख़्वाहिश तो
तू एक और जगा
ख़्वाहिशें ही तो ज़िंदगी
को जीने का सामान देती है।
ख़्वाहिशों से शुरू और
ख़्वाहिशों पर ही ख़त्म
ख़्वाहिशें ही ज़िंदगी
को ज़िंदगी का पैग़ाम देती है।
जान देती है तोलेती भी
ReplyDeleteये कमबक्त देती पहचान
सेंकडो मजबूर जिंदगी को
करती नहीये पूरा अरमान
समसानकी ये कराती सफर
जो जीयाजीता वो सीकंडर
मरगया जो उसका मुक्दर
ख्वाइश से शुरु ये जिंदगी
उसी की ही आहत में पूरी
फीर भी मीठी जबान ने
बता दीया देती पैगाम जिंदगी
का......
सलाम
बहोतखूब
धन्यवाद
आपको पसंद आया .. शुक्रिया
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