आज फिर दिल दुखी हुआ है
आज फिर दिल दहलाने वाली
ख़बर आई है
आज फिर कुछ लोगों ने
फिर निहात्थों पर गोली
चलाई है।
फिर इस्लाम का नाम लिया
गया
फिर मुसलमान का हवाला
दिया गया
फिर देखो धर्म का नाम
लेकर
इन ख़ूनी दरिंदो ने
फिर कैसे दहशतगर्दी
फैलाई है।
इस्लाम का मूल शांति
पसंद है
खुदा के दर पर सर
झुकाना इसका मतलब है
तो फिर इस ख़ून ख़राबे
से
इस्लाम के नाम पर
क्यूँ कुछ लोगों ने
इतनी दहशत मचाई है।
कैसे बंद हो ये जानलेवा
कारख़ाना
कैसे बंद हो ये बम
बंदूक़ों के ताने-बाने
जान लिया तुमने जिन
मासूमों की
मालूम है तुम्हें
उन्हें पाने की ख़ातिर
माँ-बाप ने खुदा से ही
गुहार लगाई है।
इतना अंधा तुम्हें
किसने बना दिया
तुम्हारें कानो पर भी
पहरा बिठा दिया
तुमने अपनी आवाज़ों को भी सुला दिया
मौत के दिल चीरनेवाली
चीख़ें
तुम तक क्यूँ न पहुँच
पाई हैं।
चलो तुम हमें ख़त्म कर
दो
इस ज़हान को
क्षत-विक्षत कर दो
पर तुम भी इससे क्या
पाओगे
खंडहरों से भी कभी सुना
है
अज़ान की आवाज़ आई है।
आतंक के ख़ूनी कारनामे से आज विश्व का कोई एक देश ही नहीं , पूरी मानवता आहत है। ऐसे बहशी लोगों को परमात्मा सद्वुद्धि दें और मानवता की रक्षा करें।
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