वक्त कई बात निगल लेता है
वक्त कई बात निगल लेता है
समय हालात बदल देता है
कभी सुबह से उम्मीद लगाई थी
आज हमे अँधेरा सुकून देता है
हर बात में इतनी टोका-टाकी
कोई भला ऐसे भी साथ देता है
किसी की बातों को दोहराने से क्या
गूंज कब असली आवाज़ देता है
कुछ परेशानियां यूँ भी मिट सकती हैं
इंसान बेवजह उसे हालात देता है
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