बिन बात भी कभी रुठिये-मनाइये
बिन मतलब भी कभी हँसिये-हंसाइए
दोस्ती में तकल्लुफ़ शामिल नहीं जनाब
बिन बात दोस्तों को सताइये-बहलाइये
सुबह और शाम से बंध गई है ज़िन्दगी
कभी दिन और रात को भी हंसाइए-रुलाइये
क्या हुआ जो कुछ ख्वाब फिर टूट गए
बेधड़क कुछ और भी संवारिये-सजाइये
ज़िन्दगी से बोरियत जाएगी ज़रूर
बिन मौके भी दोस्तों को बुलाइये-बिठाइये
डर कर किसी को कोई बदला है भला
ज़िन्दगी को कभी आप भी डराइए-धमकाइये
बेहतरीन पंक्तियां
ReplyDeletethanku....thanku....thanku....
DeleteWhats your addess Anita Jha ! Will meet you one day ! Without any work ? 😴😴😴😴😴
ReplyDeleteYou have that .. anytime any day .. most welcome ..🙏🙏🙏😀😀😀
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