उम्मीद पर ही ये ज़िन्दगी चल रही है
झूठी-सच्ची उम्मीदें हर दिल में पल रही है
ये सच है हर सपने सच होते नहीं
पर साथ इसके ज़िन्दगी सुकूं में गुज़र रही है
चाहत बस कुछ खुशकिस्मत को अपनाती है
पर चाहत की चाहत दिलों को मसरूर* कर रही है
शाद* झूठ को सच मान लेने में भी है
हकीकत तो यूँ ही हर रोज़ किसी को निकल रही है
ज़िन्दगी जन्म से मौत का बेरंगी नाम है
बस कुछ ख्वाहिशें ही तो इसमें रंग भर रही है
मसरूर - आनंदित
शाद - ख़ुशी
झूठी-सच्ची उम्मीदें हर दिल में पल रही है
ये सच है हर सपने सच होते नहीं
पर साथ इसके ज़िन्दगी सुकूं में गुज़र रही है
चाहत बस कुछ खुशकिस्मत को अपनाती है
पर चाहत की चाहत दिलों को मसरूर* कर रही है
शाद* झूठ को सच मान लेने में भी है
हकीकत तो यूँ ही हर रोज़ किसी को निकल रही है
ज़िन्दगी जन्म से मौत का बेरंगी नाम है
बस कुछ ख्वाहिशें ही तो इसमें रंग भर रही है
मसरूर - आनंदित
शाद - ख़ुशी
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