हर बात पर इतनी टोका टाकी
ये संभाल के चलो वो संभाल के चलो
कुछ यादें दूर तक साथ चली आईं हैं
आप कहते हैं उसे भी निकाल के चलो
जिनको रूठना है शौक़ से रूठ जाए
हमसे न होगा बातें भी संभाल के करो
कितना कचरा कल का हम ओढ़े हुए
वक्त कहता है अब सब उतार के चलो
देखते हैं ज़िन्दगी हमें कितना सताएगी
पर कैसे माने ज़िन्दगी से सवाल न करो
ये संभाल के चलो वो संभाल के चलो
कुछ यादें दूर तक साथ चली आईं हैं
आप कहते हैं उसे भी निकाल के चलो
जिनको रूठना है शौक़ से रूठ जाए
हमसे न होगा बातें भी संभाल के करो
कितना कचरा कल का हम ओढ़े हुए
वक्त कहता है अब सब उतार के चलो
देखते हैं ज़िन्दगी हमें कितना सताएगी
पर कैसे माने ज़िन्दगी से सवाल न करो
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