Friday, 16 March 2018

जो साथ है वो ही तो खास है

जो साथ है वो ही तो खास है 
बाकि बस सब एक एहसास है

ज़िन्दगी रस्तों में कट जाएगी
मंज़िल की अब हमें नहीं आस है

जो टूट गया माना अब वो छूट गया 
वक्त और ज़ज़्बात संजोना बकवास है

हर दिन खुद में ही एक तोहफ़ा है 
एक-एक साँस ज़िन्दगी की सौगात है 

खुदा को कहें तहे दिल से शुक्रिया
हर ज़रूरत की चीज़ हमारे पास है







3 comments:

  1. अनिता जी आप की कलम धारदार और बहुत असरदार है ! पढ़ते पढ़ते एक एक शब्द मेरी उर्मि को छू जाता है ! आपको दिल से शुभकामना !

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