रौशनी के साथ हर वक्त चल सकते नहीं
उजालों की परछाई में अब ढल सकते नहीं
आज फिर ज़िन्दगी ने कुछ शज़र हैं सजाएं
अफसोस ये वक्त से पहले फल सकते नहीं
अब मज़ा उस काम को करने में हैं
जो लोग कहे आप कर सकते नहीं
खुद को समझाने में ना क़ाबिल हम
सितारे सूरज के साथ बढ़ सकते नहीं
खुद को खुद से ही आपने कितना भर लिया
इससे ज्यादा खाली खुद को कर सकते नहीं
कुछ चाहतों को आसमान चाहिए
और बिन दीवार घर बन सकते नहीं
उसे अंजाम तक कैसे पहुंचाएं
जिसका आगाज कर सकते नहीं

उजालों की परछाई में अब ढल सकते नहीं
आज फिर ज़िन्दगी ने कुछ शज़र हैं सजाएं
अफसोस ये वक्त से पहले फल सकते नहीं
अब मज़ा उस काम को करने में हैं
जो लोग कहे आप कर सकते नहीं
खुद को समझाने में ना क़ाबिल हम
सितारे सूरज के साथ बढ़ सकते नहीं
खुद को खुद से ही आपने कितना भर लिया
इससे ज्यादा खाली खुद को कर सकते नहीं
कुछ चाहतों को आसमान चाहिए
और बिन दीवार घर बन सकते नहीं
उसे अंजाम तक कैसे पहुंचाएं
जिसका आगाज कर सकते नहीं
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