तुझे क्या दूँ तुझे
मैंने सब कुछ तो दे दिया
एक दिल था पास मेरे
तूने वो भी ले लिया
चंद ख़्वाब कुछ ख़्वाहिशें
ले कर है ज़िंदगी
कुछ दिनों से उसमें भी
तूने ही घर किया
ज़िंदगी देखिए बस सवालों
पर हैं खड़ी
पर ख़ुद को जवाब बना
मैंने पेश किया
फिर हथेली खोल कर रख दी
खुदा के सामने
अपने हथेली की ख़ुशी भी
तेरे लिए है लिया
जो लिया है तूने क्या
किसी को दे पाएगा
उस दिन मैं भी मानूँगी
तूने भी कुछ किया
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