हार ने कितना कुछ सिखाया है
कोशिश ने बहुत कुछ दिखाया है
ज़िन्दगी जीने को ही मिली है
हमने इसे सौदेबाज़ी में लगाया है
अपने हुनर को यूँ ही न गवाँ दो
खुशकिस्मती से ये सौगात आया है
ख्वाबों का हकीकत से सौदा कर लो
ज़िन्दगी ने बड़े प्यार से समझाया है
बस उम्मीदों से कुछ बदलता नहीं
बेबसी ने हमें आज फिर ये सुनाया है
इश्क़ से आप इतनी नफरत पाले बैठे हैं
इश्क़ में किसी ने ताज महल भी बनवाया है
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