आईना देख कर हमने रूप संवारा है
कैसे माने आईने को हर सच गंवारा है
आईने को बस चेहरा दिखता है
दिल आज भी कितना बेसहारा है
खूबसूरती क्या चेहरे में ही बसी है
आईने ने तो बस चेहरा ही उभारा है
आईने को धोखा देने की फिर सोची है
साजिशों से हमने हर दाग छुपा डाला है
ज़िन्दगी भी कुछ आईने से ही बन गई
झूठी मुस्कान से चेहरा लगता प्यारा है
आज फिर खुद का सच जानना है
आज फिर झूठे आईने का सहारा है
कैसे माने आईने को हर सच गंवारा है
आईने को बस चेहरा दिखता है
दिल आज भी कितना बेसहारा है
खूबसूरती क्या चेहरे में ही बसी है
आईने ने तो बस चेहरा ही उभारा है
आईने को धोखा देने की फिर सोची है
साजिशों से हमने हर दाग छुपा डाला है
ज़िन्दगी भी कुछ आईने से ही बन गई
झूठी मुस्कान से चेहरा लगता प्यारा है
आज फिर खुद का सच जानना है
आज फिर झूठे आईने का सहारा है
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