Wednesday, 13 September 2017

अपने कहे तो हर कोई खुद में इक जहाँ है

अपने कहे तो हर कोई खुद में इक जहाँ है 
बात तो तब बने जब किसी और ने कहा है 

किसी और को हम क्या परखेंगे 
खुद को जानने में हमें धोखा हुआ है

असहमत होते हुए दिल में इज़्ज़त बनी रहे 
प्रयास अपनी बातों से इतना ही किया है 

आपके सच होने से गलत साबित होते नहीं
हमारी नज़रों से आपने कब काम लिया है   

इज़्ज़त देने से इज़्ज़त मिलती नहीं 
आदमी का हर रूप हमने देख लिया है 


1 comment:

  1. हिंदी दिवस पर आपको शुभ कामना !

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