अपने कहे तो हर कोई खुद में इक जहाँ है
बात तो तब बने जब किसी और ने कहा है
किसी और को हम क्या परखेंगे
खुद को जानने में हमें धोखा हुआ है
असहमत होते हुए दिल में इज़्ज़त बनी रहे
प्रयास अपनी बातों से इतना ही किया है
प्रयास अपनी बातों से इतना ही किया है
आपके सच होने से गलत साबित होते नहीं
हमारी नज़रों से आपने कब काम लिया है
इज़्ज़त देने से इज़्ज़त मिलती नहीं
आदमी का हर रूप हमने देख लिया है
हिंदी दिवस पर आपको शुभ कामना !
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