रातों को ख्वाबो से सजा लीजिये
वक्त ही तो है इसे मना लीजिये
भीड़ में भी कई दोस्त मिल जायेंगे
बस ज़रा सा आप मुस्कुरा लीजिये
इश्क की बेबसी पे अब क्या कहे
ग़मों से कुछ दिल बहला लीजिये
कोई किसी के लिए जीता है कहाँ
ये बहाने ज़िन्दगी से हटा लीजिये
सच के साथ झूठ चल सकता नहीं
फासलों को भी कुछ समझा लीजिये
वक्त ही तो है इसे मना लीजिये
भीड़ में भी कई दोस्त मिल जायेंगे
बस ज़रा सा आप मुस्कुरा लीजिये
इश्क की बेबसी पे अब क्या कहे
ग़मों से कुछ दिल बहला लीजिये
कोई किसी के लिए जीता है कहाँ
ये बहाने ज़िन्दगी से हटा लीजिये
सच के साथ झूठ चल सकता नहीं
फासलों को भी कुछ समझा लीजिये
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