किसी की क्या हस्ती किसी का क्या नाम है
वक्त के साथ जाएगी ये नुमाइशें तमाम है
बे-कसी बे-बसी बे-बहा* बे-चाप* समाये हुए
दिल के रिश्तों में क्या सुकून क्या आराम है
रात में सूरज अँधेरा चाहे वो छुप जाये
पर सुबह पर्वतों को करता वो सलाम है
ना-उम्मीदी को बेइंतिहा उम्मीद चाहिए
उम्मीद को भला उम्मीद से क्या काम है
राह की मुश्किलें दिल को कुछ समझाती है
कैसी होगी मंज़िल कैसा बना वो मुकाम है
अहसानों के साथ अब और न जी पायेंगें
इन अहसानों तले बन गए हम गुलाम है
बे-बाह - बहुमूल्य
बे-चाप - खामोशी
वक्त के साथ जाएगी ये नुमाइशें तमाम है
बे-कसी बे-बसी बे-बहा* बे-चाप* समाये हुए
दिल के रिश्तों में क्या सुकून क्या आराम है
रात में सूरज अँधेरा चाहे वो छुप जाये
पर सुबह पर्वतों को करता वो सलाम है
ना-उम्मीदी को बेइंतिहा उम्मीद चाहिए
उम्मीद को भला उम्मीद से क्या काम है
राह की मुश्किलें दिल को कुछ समझाती है
कैसी होगी मंज़िल कैसा बना वो मुकाम है
अहसानों के साथ अब और न जी पायेंगें
इन अहसानों तले बन गए हम गुलाम है
बे-बाह - बहुमूल्य
बे-चाप - खामोशी
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