न दुआ चाहिए न दवा चाहिए
ज़िन्दगी हमें बस ख़ुशनुमा चाहिए
किसी को ये बात कैसे समझाए
हमे घर में भी खुला आसमाँ चाहिए
ये खुमारी कभी भी न ख़त्म हो पाये
ज़िन्दगी को ख्वाबों का कुछ गुमाँ चाहिए
जो मुझे मुझसे ही बचा ले
मुझे ऐसा एक रहनुमा चाहिए
अपनी बेबसी को थोड़ा खरीद पाए
ज़िन्दगी से ऐसा इक मकाँ चाहिए
ज़ज़्बातों से कोई खेल न पाए
सच में एक ऐसा जहाँ चाहिए
ज़िन्दगी हमें बस ख़ुशनुमा चाहिए
किसी को ये बात कैसे समझाए
हमे घर में भी खुला आसमाँ चाहिए
ये खुमारी कभी भी न ख़त्म हो पाये
ज़िन्दगी को ख्वाबों का कुछ गुमाँ चाहिए
जो मुझे मुझसे ही बचा ले
मुझे ऐसा एक रहनुमा चाहिए
अपनी बेबसी को थोड़ा खरीद पाए
ज़िन्दगी से ऐसा इक मकाँ चाहिए
ज़ज़्बातों से कोई खेल न पाए
सच में एक ऐसा जहाँ चाहिए
Very well written . More power to your pen !
ReplyDeleteThanks from the bottom of my heart...
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