हम सबकी एक कहानी है
हम सब में एक कहानी है
न इसमें कोई राजा है
न इसमें कोई रानी है
कोई इसे कैसे कहेगा
इसे हमें ही सुनानी है
उस बेबस लाचार की
बस बात तो बतानी है
मेरी ही ये कहानी है
ये कहने की ठानी है
न वो बहुत गुलाबी है
न ही वो आसमानी है
ज़िन्दगी को रोक न पाए
वो तो बस बहता पानी है
जो बीत गया वो पल था
जो आगे है ज़िंदगानी है
जब चाहे एक मोड़ दे दे
बात अपनी तो बतानी है
हम सब की जो कहानी
हम सब की ही ज़ुबानी है
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