Thursday, 15 June 2017

हमने नींद को प्यार से स्वर्गलोग पुकारा है

हमने नींद को प्यार से स्वर्गलोग पुकारा है
सोना सही मायने में धरती पे जन्नत हमारा है

हर ग़म, हर दर्द, हर दुःख से आज़ाद हम
सोते वक़्त ज़िंदगी ने बड़े प्यार से दुलारा है

बहुत थका देती है दिनभर की दुनियादारी हमें
कुछ सो लेते हैं रात ने सुबह के लिए सँवारा है

अंधेरे से क्यूँ हैं आप इस क़दर परेशान
रात को चाँद सितारों का भी नज़ारा है

हुज़ूर आपको भी चैन की नींद आएगी
किसी के सपने को गर आपने सँवारा है

चलिए अब नींद को भी कुछ सँवारे
ये आराम का एक ख़ूबसूरत सहारा है



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