ये मौसम ही है गुज़र जायेगा
वक्त फिर बदल के आएगा
काटों से आप क्यों इतना खौफ खाये
बिन इन्हें छुए फूल कैसे कोई पायेगा
ज़िन्दगी को इतना भी ना सताइये
दिल के मेहमाँ को दिल कैसे भूल जायेगा
बहुत मुश्किल है गम में खुद को हँसाना
पर ये ज़िन्दगी को कुछ तो गुदगुदाएगा
तन्हाई में खुद की रिहाई छुपी है
खुद के जैसा कौन हमें समझयेगा
वक्त फिर बदल के आएगा
काटों से आप क्यों इतना खौफ खाये
बिन इन्हें छुए फूल कैसे कोई पायेगा
ज़िन्दगी को इतना भी ना सताइये
दिल के मेहमाँ को दिल कैसे भूल जायेगा
बहुत मुश्किल है गम में खुद को हँसाना
पर ये ज़िन्दगी को कुछ तो गुदगुदाएगा
तन्हाई में खुद की रिहाई छुपी है
खुद के जैसा कौन हमें समझयेगा
Phool aur Kante in lifes #Journey
ReplyDeleteBeautiful
ReplyDeleteहंसना हसाना जिवन में
ReplyDeleteकाम है मेरा
चाहे तूं अगर कोंइ और
फर्क न है कोंई
काम मेरा हंसगूल्ले बांटना
बांटता था,रहुंगा
हंसना हसाना काम है मेरा
हसके बात मानलो