वक्त कितना कुछ सिखला देता है
आंसुओं को गर न छुपा सके
तो ये हंसी बहाने बना देता है
तो ये हंसी बहाने बना देता है
दुःख बिछड़ने का है बड़ा
पर कुछ लोगों का साथ
ज़िन्दगी को ही रुला देता है
यादें ज़िन्दगी को तड़पाती है
पर सच सच है ये बात दिल
खुद को कुछ समझा देता है
दो दिन की है ज़िन्दगी
इस दो दिन के लिए इंसान
कितना खुद को सजा लेता है
किसी के साथ कोई मरता है कहाँ
इश्क़ भी देखिये न, ना जाने
क्या क्या भरम फैला देता है
दो दिन की है ज़िन्दगी
इस दो दिन के लिए इंसान
कितना खुद को सजा लेता है
किसी के साथ कोई मरता है कहाँ
इश्क़ भी देखिये न, ना जाने
क्या क्या भरम फैला देता है
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