Wednesday, 23 August 2017

इतनी आसानी से बात बदल सकते नहीं

इतनी आसानी से बात बदल सकते नहीं
समंदर को किनारे से समझ सकते नहीं

आपकी इस मोहब्बत को हम कैसे मान लें
हम जानते हैं आप चाहत बदल सकते नहीं

माना दौलत से आप हर चीज़ ख़रीद लाएंगे
दिल की तन्हाई आप इससे भर सकते नहीं

वो असमान में हर वक्त बेताब सा गुज़र रहा
बूँदों की प्यास को बादल समझ सकते नहीं

जो दिल में है वो ही ज़बां पे आयेगा
वक़्त और हालत हमें बदल सकते नहीं



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