खेलने के लिए मैदान में उतरना पड़ता है
तमाशायी नहीं ख़ुद तमाशा बनना पड़ता है
इज़्ज़त दौलत यूँ हीं नहीं मिलती जनाब
कई बार गिर-गिर कर संभलना पड़ता है
हर कोई हर बात समझ सकता नहीं
समझने के लिए हालात से गुज़रना पड़ता है
समझने के लिए हालात से गुज़रना पड़ता है
ये वक्त ये हालात यूँ ही नहीं पैदा होते
आँधी को ख़ामोशी से निकलना पड़ता है
No comments:
Post a Comment