अँधियों से कुछ निभा के तो देखो
तूफानों को कभी आज़मा के तो देखो
अभी से हार मान ली आपने
बात कुछ आगे बढ़ा के तो देखो
अँधेरा भी साथ रौशनी लाएगा
कुछ सितारों को सजा के देखो
जीने का सलीका आन ही नहीं
कभी शीश अपना झुका के तो देखो
जब जी चाहे जी भर के देखो
देखने के डर को हटा के तो देखो
तूफानों को कभी आज़मा के तो देखो
अभी से हार मान ली आपने
बात कुछ आगे बढ़ा के तो देखो
अँधेरा भी साथ रौशनी लाएगा
कुछ सितारों को सजा के देखो
जीने का सलीका आन ही नहीं
कभी शीश अपना झुका के तो देखो
जब जी चाहे जी भर के देखो
देखने के डर को हटा के तो देखो
वाह! सुन्दर
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