हर अमीर का कोट साफ़ रहेगा
बस ग़रीबों के पास अपराध रहेगा
एसी के कमरों में बदबू छिप जाएगी
रोटी के बस्तो में चीख़ता ये पाप रहेगा
वो भूख की राह पे फिर लड़खड़ाएगा
अमीरी के पास हर औसाफ रहेगा
पैरहन ही सच की पहचान बनेगी
दिल कब सच्चाई का नाप रहेगा
जम्हूरियत के भुलावे में मत आइये
वक्त हमेशा कुर्सी के ही पास रहेगा
बातें आप चाहे जितनी बना लीजिए पर सच है अमीरों के साथ इंसाफ़ रहेगा
अमीरी के पास हर औसाफ रहेगा
पैरहन ही सच की पहचान बनेगी
दिल कब सच्चाई का नाप रहेगा
जम्हूरियत के भुलावे में मत आइये
वक्त हमेशा कुर्सी के ही पास रहेगा
बातें आप चाहे जितनी बना लीजिए पर सच है अमीरों के साथ इंसाफ़ रहेगा
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