तोहफ़ा नहीं व्यवहार बोलता है
पैसा नहीं सदाचार बोलता है
बेशक़ीमती सामान ख़रीद के देख लिया
मुफ़्त में पाया छोटा सा उपहार बोलता है
उम्मीदों के कुछ तोहफ़े हम भी चाहें
क़िस्मत का मारा वो लाचार बोलता है
हर दिन ख़ुद में ही एक तोहफ़ा है
ख़ूनी ख़बर वाला अख़बार बोलता है
हम मर कर भी अब तक कैसे जिन्दा है
शायद बुजुर्गों की दुआओं का संसार बोलता है
वक्त ने क़त्ल किया वो कातिल कहलायेगा
टी वी का मारा हर समाचार बोलता है
बस हाथ बढ़ाने का ही तो फासला था
गलतफहमी में खड़ा दीवार बोलता है
कितना तुम मुझ को दे पाओगे
बाजार का हर खरीदार बोलता है
खुशियां इस पल में ही बसी है
दिल में बजता तार बोलता है
हर दिन ख़ुद में ही एक तोहफ़ा है
ख़ूनी ख़बर वाला अख़बार बोलता है
हम मर कर भी अब तक कैसे जिन्दा है
शायद बुजुर्गों की दुआओं का संसार बोलता है
वक्त ने क़त्ल किया वो कातिल कहलायेगा
टी वी का मारा हर समाचार बोलता है
बस हाथ बढ़ाने का ही तो फासला था
गलतफहमी में खड़ा दीवार बोलता है
कितना तुम मुझ को दे पाओगे
बाजार का हर खरीदार बोलता है
खुशियां इस पल में ही बसी है
दिल में बजता तार बोलता है
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