Friday, 13 September 2019

एक अँधेरा चाहिए इस ज़िन्दगी के लिए

एक अँधेरा चाहिए इस ज़िन्दगी के लिए
एक अँधेरा चाहिए खुद की ख़ुशी के लिए

खुद को पाना-खोना अँधेरा समझायेगा
खुद की परछाई को ये पीछे छोड़ आएगा

बेवफा रौशनी इसका किसी न किसी से रिश्ता है
बावफा ये अँधेरा जो बस खुद का अटूट हिस्सा है

धुंधलाई हुई आँखों को अँधेरा राहत पहुंचाएगा
चकाचौंध ज़िन्दगी को ये कुछ सुकून दे जायेगा

अंधेरों को कहाँ किसी रास्तों की चाहत है
मंज़िलों से ख़त्म हो चुकी इसकी मोहब्बत है

उजालों की नहीं मुझे अंधेरों की ज़रूरत है
वक्त से भी एक अँधेरे कमरे की चाहत है

अंधेरों में मैं नहीं___ ये अँधेरा मुझमे रहता है
ज़िन्दगी की हर सच्चाई अँधेरा ही तो कहता है

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