दिल से जो आवाज है आती वो हिंदी है
हम सब की पहचान बनाती वो हिंदी है
तुतली-तुतली बोली में इसको हमने पाया है
माँ की ममता साथ जो लाती वो हिंदी है
संस्कृति, सभ्यता, संस्कार खुद में संजोयें हुए
खुद से खुद को ही है जो सजाती वो हिंदी है
अभिव्यक्ति को जान दिया मातृभाषा का सम्मान लिया
सोच की दुनिया को दिनरात बहलाती वो हिंदी है
संस्कृत, उर्दू, कुछ अंग्रेजी भी है साथ लिए
हिंदुस्तान के हर रूप को अपनाती वो हिंदी है
रूप सुनहरा हर भाषा का सुन्दर सबकी बोली है
इश्क़ बन रूह तक पर जो है जाती वो हिंदी है
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