नफरतों के इस दौर में मोहब्बत गुनाह है
झूठ का ये शहर है यहां सच गुनाह है
लोग जलते हुए शहर जलता हुआ
पानी यहां पाप है आग बुझाना गुनाह है
गिरते हुए को यहां और गिराया जायेगा
यहां पैर उठाना माफ़ है हाथ बढ़ाना गुनाह है
दोस्ती भी अब मुखौटों में पाई जाएगी
बुराई ख़ुशी से साथ है पर उसे दिखाना गुनाह है
बेचिये यहां आप सबकुछ बेच पाएंगे
पर आवाज बेआबरू है बाजार सजाना गुनाह है
झूठ का ये शहर है यहां सच गुनाह है
लोग जलते हुए शहर जलता हुआ
पानी यहां पाप है आग बुझाना गुनाह है
गिरते हुए को यहां और गिराया जायेगा
यहां पैर उठाना माफ़ है हाथ बढ़ाना गुनाह है
दोस्ती भी अब मुखौटों में पाई जाएगी
बुराई ख़ुशी से साथ है पर उसे दिखाना गुनाह है
बेचिये यहां आप सबकुछ बेच पाएंगे
पर आवाज बेआबरू है बाजार सजाना गुनाह है
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